PRASANJIV FOUNDATION
“एक कदम सेवा का, हजार कदम बदलाव का”
प्रसंजीव फाउंडेशन एक सामाजिक संस्था है जो समाज के कमजोर वर्गों – गरीब बच्चों, महिलाओं, आदिवासी समुदायों, बुजुर्गों और बेरोजगार युवाओं के जीवन में शिक्षा, स्वास्थ्य, सम्मान और स्वावलंबन लाने के लिए कार्य कर रही है।
About us
प्रसंजीव फाउंडेशन
प्रसंजीव फाउंडेशन भारत सरकार से मान्यता प्राप्त तथा NITI Aayog के NGO DARPAN पोर्टल पर पंजीकृत एक गैर-लाभकारी (Non-profit) सामाजिक संस्था है। संस्था का उद्देश्य समाज के वंचित, आदिवासी, महिला, बालक-बालिका एवं ग्रामीण समुदायों के सर्वांगीण विकास हेतु सतत एवं प्रभावी पहल करना है।
संस्था शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास, रोजगार संवर्धन, आपदा राहत एवं सामाजिक जागरूकता जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से कार्य करती है।
प्रसंजिव फाउंडेशन पारदर्शिता, जवाबदेही एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के सिद्धांतों पर कार्य करते हुए समाज में सकारात्मक, सार्थक और स्थायी परिवर्तन लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
What We do
Our Key Work Areas
Medical
Education
Foods
Health
Support
Donation
Event Time Table
Information Of Event Schedule
03 Sep 26
9:00 AM - 5:00 PM
प्रसंजीव फाउंडेशन ने मूक-बधिर विशेष बच्चों के साथ मनाई होली, रंग-गुलाल और पकवानों के साथ बाँटी खुशियाँ
साहिबगंज: प्रसंजीव फाउंडेशन की ओर से मूक-बधिर विशेष बच्चों के साथ होली की खुशियाँ रंग-गुलाल और पकवानों के साथ साझा
Venue
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प्रसंजीव फाउंडेशन के मुख्य उद्देश्य (Main objects)
1. शिक्षा
➤ गुणवत्तापूर्ण, नैतिक शिक्षा एवं मानवीय मूल्यों से युक्त शिक्षा
➤ गरीब, अनाथ, मजदूर और अल्पसंख्यक वर्ग के बच्चों को दोबारा स्कूल से जोड़ना
➤ निःशुल्क एवं सस्ती शिक्षा की व्यवस्था करना
➤ गुणवत्तापूर्ण नैतिक शिक्षा देना
➤ किताबें, कॉपी और अन्य शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराना
➤ डिजिटल और कंप्यूटर शिक्षा की सुविधा देना
➤ माता-पिता को बच्चों की पढ़ाई के महत्व के बारे में जागरूक करना
➤ बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और अच्छे संस्कार विकसित करना
➤ देशभक्ति और समाज सेवा की भावना विकसित करना
➤ जीवन कौशल कुशल बनाना ➤ खेल, कला और अन्य गतिविधियों से बच्चों का सर्वांगीण विकास करना
➤ गरीब, अनाथ, मजदूर और अल्पसंख्यक वर्ग के बच्चों को दोबारा स्कूल से जोड़ना
➤ निःशुल्क एवं सस्ती शिक्षा की व्यवस्था करना
➤ गुणवत्तापूर्ण नैतिक शिक्षा देना
➤ किताबें, कॉपी और अन्य शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराना
➤ डिजिटल और कंप्यूटर शिक्षा की सुविधा देना
➤ माता-पिता को बच्चों की पढ़ाई के महत्व के बारे में जागरूक करना
➤ बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और अच्छे संस्कार विकसित करना
➤ देशभक्ति और समाज सेवा की भावना विकसित करना
➤ जीवन कौशल कुशल बनाना ➤ खेल, कला और अन्य गतिविधियों से बच्चों का सर्वांगीण विकास करना
2. स्वास्थ्य एवं पोषण
➤ ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर
➤ टीकाकरण पोषण कार्यक्रम
➤ मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं
➤ रक्तदान शिविर
➤ मेडिकल कैंप
➤ मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता अभियान
➤ टीकाकरण पोषण कार्यक्रम
➤ मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं
➤ रक्तदान शिविर
➤ मेडिकल कैंप
➤ मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता अभियान
3. स्वच्छता एवं साफ-सफाई अभियान
➤ स्वच्छ भारत की भावना को बढ़ावा देते हुए स्वच्छता जागरूकता
➤ शौचालय निर्माण सहयोग
➤ स्वच्छ आदतों का प्रचार / स्वच्छ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना
➤ गांव और बस्तियों में सफाई अभियान
➤ कचरा प्रबंधन प्रशिक्षण
➤ शौचालय निर्माण सहयोग
➤ स्वच्छ आदतों का प्रचार / स्वच्छ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना
➤ गांव और बस्तियों में सफाई अभियान
➤ कचरा प्रबंधन प्रशिक्षण
4. स्वरोजगार एवं कौशल विकास
हमारा नारा — “हर हाथ को हुनर, हर परिवार को रोजगार”
➤ सिलाई, बुनाई, कढ़ाई और हस्तशिल्प का प्रशिक्षण देना।
➤ कंप्यूटर और डिजिटल कौशल का बेसिक प्रशिक्षण देना।
➤ ब्यूटी पार्लर, फूड प्रोसेसिंग और अन्य छोटे व्यवसायों का प्रशिक्षण।
➤ कृषि आधारित कार्यों (जैविक खेती, मशरूम, मधुमक्खी पालन) का प्रशिक्षण।
➤ महिलाओं के स्वयं सहायता समूह (SHG) बनाकर बचत और लोन की सुविधा।
➤ प्रशिक्षित लोगों को अपना छोटा व्यवसाय शुरू करने में सुझाव और सहयोग।
➤ बाजार से जोड़ने और उत्पाद बेचने में सहयोग।
➤ सिलाई, बुनाई, कढ़ाई और हस्तशिल्प का प्रशिक्षण देना।
➤ कंप्यूटर और डिजिटल कौशल का बेसिक प्रशिक्षण देना।
➤ ब्यूटी पार्लर, फूड प्रोसेसिंग और अन्य छोटे व्यवसायों का प्रशिक्षण।
➤ कृषि आधारित कार्यों (जैविक खेती, मशरूम, मधुमक्खी पालन) का प्रशिक्षण।
➤ महिलाओं के स्वयं सहायता समूह (SHG) बनाकर बचत और लोन की सुविधा।
➤ प्रशिक्षित लोगों को अपना छोटा व्यवसाय शुरू करने में सुझाव और सहयोग।
➤ बाजार से जोड़ने और उत्पाद बेचने में सहयोग।
5. महिला एवं बाल विकास
➤ महिलाओं के अधिकार, सुरक्षा, शिक्षा एवं सशक्तिकरण हेतु कार्यक्रम संचालित करना।
➤ बाल संरक्षण एवं बाल अधिकारों की रक्षा हेतु कार्य करना।
➤ बाल संरक्षण एवं बाल अधिकारों की रक्षा हेतु कार्य करना।
6. आदिवासी विकास
➤ आदिवासी बच्चों को स्कूल से जोड़ना और निःशुल्क शिक्षा देना।
➤ गांवों में स्वास्थ्य जांच शिविर और दवा की सुविधा देना।
➤ महिलाओं और युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसर देना।
➤ सरकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ दिलाने में सहायता करना।
➤ जल संरक्षण और खेती में नई तकनीकों की जानकारी देना।
➤ उनकी संस्कृति और परंपराओं का सम्मान और संरक्षण करना।
➤ पोषण और स्वच्छता के बारे में जागरूकता फैलाना।
➤ गांवों में स्वास्थ्य जांच शिविर और दवा की सुविधा देना।
➤ महिलाओं और युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसर देना।
➤ सरकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ दिलाने में सहायता करना।
➤ जल संरक्षण और खेती में नई तकनीकों की जानकारी देना।
➤ उनकी संस्कृति और परंपराओं का सम्मान और संरक्षण करना।
➤ पोषण और स्वच्छता के बारे में जागरूकता फैलाना।
7. जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण
➤ वर्षा जल संचयन (Rain Water Harvesting)
➤ जल स्रोतों का संरक्षण
➤ वृक्षारोपण एवं पौध संरक्षण अभियान
➤ प्लास्टिक मुक्त अभियान और प्लास्टिक के अन्य सुरक्षित विकल्प की जानकारी देना
➤ हरित क्षेत्र विकास पहल
➤ पर्यावरण शिक्षा कार्यक्रम (स्कूल / गांव में)
➤ गांवों में सामूहिक हरित क्षेत्र बनाना / ग्रीन कॉर्नर बनाना
➤ तालाब एवं जल स्रोत संरक्षण पहल / जल संकट को कम करना
➤ भूजल स्तर सुधारना
➤ स्कूलों में जल शिक्षा कार्यक्रम
➤ लोगों को पानी बचाने की सही आदतें सिखाना
➤ गांवों में सोख्ता गड्ढा निर्माण, कुंआ और सहयोग
➤ जल स्रोतों का संरक्षण
➤ वृक्षारोपण एवं पौध संरक्षण अभियान
➤ प्लास्टिक मुक्त अभियान और प्लास्टिक के अन्य सुरक्षित विकल्प की जानकारी देना
➤ हरित क्षेत्र विकास पहल
➤ पर्यावरण शिक्षा कार्यक्रम (स्कूल / गांव में)
➤ गांवों में सामूहिक हरित क्षेत्र बनाना / ग्रीन कॉर्नर बनाना
➤ तालाब एवं जल स्रोत संरक्षण पहल / जल संकट को कम करना
➤ भूजल स्तर सुधारना
➤ स्कूलों में जल शिक्षा कार्यक्रम
➤ लोगों को पानी बचाने की सही आदतें सिखाना
➤ गांवों में सोख्ता गड्ढा निर्माण, कुंआ और सहयोग
8. स्वयं सहायता समूह (SHG) गठन
➤ महिलाओं के स्वयं सहायता समूह (SHG) बनाना।
➤ हर महीने छोटे-छोटे बचत की आदत विकसित करना।
➤ जरूरत पड़ने पर समूह के माध्यम से छोटे लोन की सुविधा देना।
➤ सिलाई, हस्तशिल्प, फूड प्रोसेसिंग आदि का प्रशिक्षण देना।
➤ हर महीने छोटे-छोटे बचत की आदत विकसित करना।
➤ जरूरत पड़ने पर समूह के माध्यम से छोटे लोन की सुविधा देना।
➤ सिलाई, हस्तशिल्प, फूड प्रोसेसिंग आदि का प्रशिक्षण देना।
9. आपदा राहत एवं पुनर्वास
➤ आपदा प्रभावित परिवारों को तुरंत राहत देना।
➤ बाढ़, सूखा, महामारी एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं के समय राहत सामग्री वितरण एवं पुनर्वास कार्य करना।
➤ मनोवैज्ञानिक एवं सामाजिक सहयोग।
➤ सरकारी योजनाओं से जोड़ना।
➤ बाढ़, सूखा, महामारी एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं के समय राहत सामग्री वितरण एवं पुनर्वास कार्य करना।
➤ मनोवैज्ञानिक एवं सामाजिक सहयोग।
➤ सरकारी योजनाओं से जोड़ना।
10. धार्मिक एवं सांस्कृतिक सामाजिक पहल
फूल, पूजा सामग्री और POP मूर्तियों का सुरक्षित प्रबंधन
➤ मंदिरों और पूजा स्थलों से निकलने वाले फूल, पूजा सामग्री और POP मूर्तियों को जल स्रोतों में न जाने देना।
➤ जल स्रोतों, मछलियों और जलजीवों की सुरक्षा।
➤ इसे आय के स्रोत बनाना जैसे — धूप, अगरबत्ती, कंपोस्टिंग का निर्माण।
➤ POP मूर्तियों को निर्धारित निपटान केंद्र या रिसाइक्लिंग क्षेत्र में सुरक्षित रूप से भेजना।
➤ नदी, तालाब किनारे संग्रह बॉक्स लगाना और प्रयोग के लिए श्रद्धालुओं को जागरूक करना।
➤ मंदिरों और पूजा स्थलों से निकलने वाले फूल, पूजा सामग्री और POP मूर्तियों को जल स्रोतों में न जाने देना।
➤ जल स्रोतों, मछलियों और जलजीवों की सुरक्षा।
➤ इसे आय के स्रोत बनाना जैसे — धूप, अगरबत्ती, कंपोस्टिंग का निर्माण।
➤ POP मूर्तियों को निर्धारित निपटान केंद्र या रिसाइक्लिंग क्षेत्र में सुरक्षित रूप से भेजना।
➤ नदी, तालाब किनारे संग्रह बॉक्स लगाना और प्रयोग के लिए श्रद्धालुओं को जागरूक करना।
11. सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम
➤ नशा मुक्ति
➤ बाल विवाह रोकथाम
➤ दहेज प्रथा उन्मूलन
➤ बाल श्रम के खिलाफ जागरूकता अभियान
➤ पंचायत, स्कूल और गांवों में सेमिनार और कार्यशाला आयोजित करना
➤ जातिगत भेदभाव के खिलाफ अभियान
➤ पर्यावरण विरोधी प्रथाओं और कार्यों के खिलाफ जनजागरूकता
➤ बाल विवाह रोकथाम
➤ दहेज प्रथा उन्मूलन
➤ बाल श्रम के खिलाफ जागरूकता अभियान
➤ पंचायत, स्कूल और गांवों में सेमिनार और कार्यशाला आयोजित करना
➤ जातिगत भेदभाव के खिलाफ अभियान
➤ पर्यावरण विरोधी प्रथाओं और कार्यों के खिलाफ जनजागरूकता
12. बुजुर्ग अधिकारों की रक्षा
“बुजुर्ग भी सहायता और संवेदना के अधिकारी हैं”
➤ घरेलू विवाद, आरोप, मानसिक दबाव, सामाजिक उपेक्षा के कारण मानसिक प्रताड़ना — भावनात्मक सहयोग।
➤ आत्महत्या रोकथाम जन-जागरूकता अभियान।
➤ घरेलू विवाद, आरोप, मानसिक दबाव, सामाजिक उपेक्षा के कारण मानसिक प्रताड़ना — भावनात्मक सहयोग।
➤ आत्महत्या रोकथाम जन-जागरूकता अभियान।
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दान के माध्यम से आप गरीब बच्चों की शिक्षा, महिलाओं के रोजगार, स्वास्थ्य सेवाओं और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग कर सकते हैं
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Frequently Asked Questions
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रसंजीव फाउंडेशन क्या कार्य करता है?
प्रसंजीव फाउंडेशन शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में कार्य करता है।
मैं प्रसंजीव फाउंडेशन से कैसे जुड़ सकता हूँ?
आप सदस्य बनकर, स्वयंसेवक (Volunteer) के रूप में या दान देकर प्रसंजीव फाउंडेशन के साथ जुड़ सकते हैं और समाज सेवा में योगदान दे सकते हैं।
क्या मैं फाउंडेशन को दान दे सकता हूँ?
हाँ, आप बैंक ट्रांसफर, UPI या QR कोड के माध्यम से दान कर सकते हैं। आपका सहयोग शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास कार्यक्रमों में उपयोग किया जाता है।
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